इंदौर। मध्यप्रदेश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के एक बयान ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। इंदौर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आज़ादी के संघर्ष का ज़िक्र करते हुए उन्होंने मोहम्मद अली जिन्ना को ‘जिन्नाजी’ कहकर संबोधित किया, जिसके बाद यह बयान राजनीतिक विवाद का रूप लेता नजर आ रहा है।
प्रेस वार्ता में उदय भानु चिब ने भाजपा और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार जनता की जान और बुनियादी मुद्दों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि देश को आज़ादी आसानी से नहीं मिली, इसके पीछे लाखों लोगों का बलिदान है।
उदय भानु चिब ने कहा,
“अंग्रेजों ने हमें आसानी से आज़ादी नहीं दी। हमारे पूर्वजों ने अपनी जान की कुर्बानी दी। कई बड़े नेता जेल गए—भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस, महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू जैसे नेता और जिन्नाजी—हजारों-सैकड़ों लोगों के बलिदान के बाद देश को आज़ादी मिली।”
उनके इस बयान को लेकर भाजपा ने कड़ा विरोध दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी है। भाजपा नेताओं का कहना है कि इस तरह के बयान इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने और जनता को गुमराह करने का प्रयास हैं। वहीं कांग्रेस खेमे का कहना है कि बयान का उद्देश्य आज़ादी के संघर्ष में हुए बलिदानों को याद दिलाना था, न कि किसी नई बहस को जन्म देना।
फिलहाल ‘जिन्नाजी’ शब्द को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा MP की राजनीति में और तूल पकड़ सकता है।