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“पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर बंद: देश में कंगाली और हाहाकार, व्यापार पूरी तरह ठप”

Pakistan Afghanistan Border Closed: पाकिस्तान में कंगाली व हाहाकार मच गया है। व्यापार ठप (Pakistan economy crisis) हो गया है, फैक्ट्रियां आधी रफ्तार पर हैं और दवाइयां गोदामों में सड़ रही हैं। यही नहीं, फल-सब्जियां सड़कों पर फेंकी जा रही हैं। पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान सीमा 11 अक्टूबर से पूरी तरह बंद (Pakistan Afghanistan border closed) होने के कारण उसका यह हाल हुआ है। पाकिस्तान के अखबार ‘डॉन’ ने लिखा है – हालात इतने ज्यादा खराब हैं कि अगर यही हाल रहा तो देश को हर महीने अरबों रुपये का नुकसान होना तय है।

अफ़ग़ानिस्तान सीमा बंद होने का नुकसान

सबसे बड़ा झटका सीमेंट इंडस्ट्री को लगा है। पाकिस्तान 40% से ज्यादा कोयला अफ़ग़ानिस्तान से लाता था। अब वह रास्ता बंद हो गया है। उसे मजबूरी में दक्षिण अफ़्रीका और इंडोनेशिया से कोयला मंगवाना पड़ रहा है, जो अफ़ग़ान कोयले से 50-60% महंगा है। नतीजा यह हुआ कि कोयले की कीमत 30 हजार से बढ़ कर 45 हजार रुपये प्रति टन हो गई है। इधर चेरत, मेपल लीफ़ व लकी सीमेंट जैसी बड़ी कंपनियां रो रही हैं। अफ़ग़ानिस्तान इनकी सीमेंट का सबसे बड़ा बाजार था – वह भी बंद है।

दवाइयों का हाल और बुरा हो गया

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पाकिस्तान अफ़ग़ानिस्तान को हर साल करीब 55-60 करोड़ डॉलर की दवाइयां बेचता है। अब सारी खेपें फैक्ट्रियों में फंसी हुई हैं। कई दवाइयां पाकिस्तान में रजिस्टर्ड ही नहीं हैं, इसलिए लोकल मार्केट में भी नहीं बिक सकतीं। फार्मा इंडस्ट्री के लोग चीख रहे हैं कि अगर 15-20 दिन और ऐसे ही रहे तो सैकड़ों करोड़ का माल बर्बाद हो जाएगा।

फलों व सब्जियों का बहुत बुरा हाल

अफ़ग़ानिस्तान और मध्य एशिया को हर साल 15 करोड़ डॉलर के फलों व सब्जियों का एक्सपोर्ट होता था। अब ये ट्रक बॉर्डर पर खड़े-खड़े सड़ रहे हैं। प्याज, टमाटर व आलू की हजारों टन खेपें फेंक दी गईं। इसके उलट अफ़ग़ानिस्तान से आने वाले अनार-अंगूर बंद होने की वजह से पाकिस्तान महंगाई की मार झेल रहा है। क्योंकि इन चीजों की कीमतें दोगुनी हो गईं।पाकिस्तानी व्यापारी रो रहे हैं कि 9,000 से ज्यादा कंटेनर बंदरगाहों और बॉर्डर पर फंसे पड़े हुए हैं। इस वजह से रोज़ करोड़ों का नुकसान हो रहा है।

भारत को बड़ा मौका मिला (India Afghanistan trade)

पाकिस्तान के इस संकट से भारत को बड़ा मौका मिल गया है। अफ़ग़ानिस्तान अब ईरान के चाबहार पोर्ट से भारत के साथ व्यापार बढ़ा रहा है। अफ़ग़ान फल-सब्जियां और ड्राई फ्रूट्स पहले पाकिस्तान होते हुए आते थे, अब सीधे भारत आ रहे हैं।पाकिस्तानी सीमेंट अफ़ग़ानिस्तान में नहीं जा पा रहा है तो भारतीय सीमेंट कंपनियां वहां अपना माल भेज रही हैं। यही नहीं, दवाइयों का भी यही हाल है। भारतीय फार्मा कंपनियां तेजी से अफ़ग़ान मार्केट में घुस रही हैं। (ANI)

Mukesh tiwari

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