बिलासपुर में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान सतनामी समाज पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में एमपी के कथावाचक आशुतोष चैतन्य को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बता दें कि तखतपुर क्षेत्र के पड़रिया रोड में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान समाज विशेष पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसे लेकर समाज प्रमुखों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसके बाद आज कार्रवाई हुई है।
CG News: दो दिन की रिमांड पर भेजा
बीते 12 नवंबर को उनकी टिप्पणी से आक्रोशित समाजजन थाने पहुंचे थे, जिसके बाद तत्काल एफआईआर दर्ज की गई थी। हालांकि कथावाचक ने अपने कथन को गलती मानते हुए सार्वजनिक रूप से क्षमा भी मांगी थी। पुलिस ने कथा स्थल से उन्हें हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें दो दिन की न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
समाज में नाराजगी
आशुतोष चैतन्य महाराज अपने बयान में कहा था कि छत्तीसगढ़ के तखतपुर में कितनी गायें कट रही हैं, आपको पता है? जो पहले सनातनी थे, वो आज सतनामी हो गए। उन मूर्खों को यह समझ नहीं आता कि सतनामी का मतलब क्या होता है। ये गायों को काट रहे हैं। यह वीडियो वायरल होने के बाद समाज में भारी नाराजगी फैल गई।
सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग तखतपुर थाने पहुंचकर घेराव करने लगे। प्रदर्शन के दौरान कथावाचक की गिरफ्तारी की मांग और नारेबाजी होती रही। समाज के लोगों का कहना है कि व्यासपीठ से की गई ऐसी बातें धार्मिक सौहार्द बिगाडऩे वाली हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कथावाचक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी।
इधर कथावाचक आशुतोष चैतन्य महाराज ने खेद व्यक्त करते कहा कि मेरे शब्दों से यदि किसी समाज या भाई-बहन की भावना आहत हुई है, तो मैं हृदय से क्षमा प्रार्थी हूं। सभी धर्म और पंथ हमारे परिवार के सदस्य हैं। अधूरी जानकारी में कहे गए शब्दों के लिए मुझे गहरा अफसोस है। शिकायत के बाद पुलिस ने आज गिरफ्तार कर लिया।