उत्तर प्रदेश के कानपुर में बॉयफ्रेंड और प्रॉपर्टी के लिए में सपना नाम की महिला ने अपने पति और ससुर का मर्डर कर दिया. सपना को टीवी सीरियल देखकर मर्डर करने का आइडिया मिला था. इसके बाद उसने पति व ससुर दोनों को मार डाला. पुलिस ने सपना और उसके बॉयफ्रेंड राज समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. आज क्राइम की कहानी में जानेंगे सचेंडी हत्याकांड की पूरी कहानी.
पुलिस ने हत्या की एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की तो हैरान करने वाला खुलासा हुआ था. सपना का प्रेम प्रसंग कृष्णा नगर निवासी राजू गुप्ता से चल रहा है. ऋषभ के नाम पर कई प्रॉपर्टी है जिसे इन दोनों ने हड़पने के लिए साजिश रची थी. साजिश के तहत राजू ने अपने साथी के साथ मिलकर 27 नवंबर को जानलेवा हमला कराया. ऋषभ हमले में घायल हुआ लेकिन उसकी जान बच गई. जिसके बाद सपना ऋषभ को दवाइयों का ओवर डोज़ देती रही. इस वजह से उसकी तबीयत बिगड़ी और उसने दम तोड़ दिया.
मृतक ऋषभ की मौसी ने कहा कि जब ऋषभ घर पर नहीं होता था तो सपना का प्रेमी राज अक्सर घर आता था. वह बहुत ही शातिर है. प्रेमी को घर बुला लेती थी. उधर सपना के शातिर अंदाज का शिकार हुए उसके पड़ोस में रहने वाले विश्वकर्मा की बहन जय देवी ने कहा कि जब सपना ने पति ऋषभ पर प्रेमी से हमला करवाया था, तो उससे पहले ही उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए पहले ही मेरे भाई विश्वकर्मा के खिलाफ केस दर्ज करा दिया था.
इसके बाद पुलिस से कह दिया कि मेरे भाई ने हमला किया है. पुलिस भाई को पकड़कर थाने ले गई थी, जबकि उनका इस केस से कोई लेना-देना नहीं था. सपना ने एक तीर से दो शिकार किए थे. एक तो एफआईआर दर्ज करवाकर उसने खुद को बचाया, और दूसरा प्रेमी को भी बचा लिया कि पुलिस का ध्यान उसकी तरफ न जाए. बताया जा रहा है कि सपना का पैसों के लेनदेन को लेकर उसके पड़ोसी विश्वकर्मा से विवाद चल रहा था.
मृतक ऋषभ त्रिपाठी की मौसी शांति देवी ने यह भी बताया कि ऋषभ को उसके पिता किशोर ने गोद लिया था. वह किसी आश्रम से उसे लेकर आए थे. उनकी अपनी कोई औलाद नहीं थी. सपना ने पहले मेरे बहनोई को मारा, फिर बेटे को मार दिया. सपना ने ऋषभ को दवाओं का ओवरडोज देकर के मौत की नींद सुला दिया.उधर सपना के जाल में फंसकर आशा मेडिकल स्टोर के मालिक सुरेंद्र उसे लगातार दवाएं दे रहे थे. पुलिस ने सुरेंद्र को जेल भेज दिया है. सपना ने सुरेंद्र को भी अपने जाल में फंसा रखा था. इस मामले में मेडिकल स्टोर पर काम करने वालों का कहना है कि सपना हमारे यहां से पर्चा दिखाकर दवा ले जाती थी. उसे लिखापढ़ी में दवा देते थे. इसका हमारे पास सीसीटीवी में रिकॉर्ड है.