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खपरीडीह में अवैध पत्थर खनन एवं परिवहन का चल रहा गोरख धंदा..... विभाग बना मूकदर्शक,कार्रवाही के बदले हो रही अवैध उगाही......

खपरीडीह में अवैध पत्थर खनन एवं परिवहन का चल रहा गोरख धंदा..... विभाग बना मूकदर्शक,कार्रवाही के बदले हो रही अवैध उगाही......

कसडोल। विकासखंड एवं ज़िले के अंतिम छोर में बसे ग्राम खपरीडीह में खनिज माफियों द्वारा राजस्व रिकार्ड में बड़े झाड़ के जंगल के रूप में दर्ज जिसे पंचायत द्वारा मवेशियों के लिए चारागाह के लिए आरक्षित किया है वह जमीन आजकल खनिज माफियों के किये चारागाह बना हुआ है। जहां पर खनिज माफियों द्वारा उक्त जमीन को खोद कर मनमाने तरीके से पत्थर का अवैध कारोबार धड़ल्ले से किया जा रहा है। और ज़िला प्रशासन आंख मूंदे बैठी है । बलौदाबाजार ज़िला गठन के समय से ही स्टॉफ कमी का रोना रोने वाला खनिज विभाग अवैध खनन माफियाओं के मनमाने पत्थर खनन और परिवहन को रोक पाने में अक्षम साबित हो रहे हैं।
ज़िले में इन दिनों पत्थर माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद है कि ग्रामीण दहशत में जीने को मजबूर है, लेकिन कुंभकर्णीय नींद में सोए जिला प्रशासन के कानों तले जूं भी नहीं रेंग रही। अवैध खनन का काम हो या फिर अवैध तरीके से चल रहा क्रेशर, माफिया मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं। उनके मन में ना तो विभाग का खौफ है ना प्रशासन का डर. इलाके में लगातार पत्थरों का अवैध खनन हो रहा है
आसपास के उपजाऊ जमीन को पूरी तरह से बंजर कर रहा है. इतना ही नहीं इससे प्रकृति को भी नुकसान पहुंच रहा है।
              एक तरफ पत्थर माफिया दिन-दहाड़े सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर प्रशासन के अधिकारियों ने मानों आंखे मूंद ली हो
 में इन दिनों पत्थर माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद है कि ग्रामीण दहशत में जीने को मजबूर हैं। आलम ये है कि यहां पत्थर माफियाओं के चलते सड़कें जर्जर हो चुकी हैं, लेकिन कुंभकर्णीय नींद में सोए जिला प्रशासन के कानों तले जूं भी नहीं रेंग रही। अवैध खनन का काम हो या फिर अवैध तरीके से चल रहा क्रेशर, माफिया मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं। उनके मन में ना तो विभाग का खौफ है ना प्रशासन का डर इलाके में लगातार पत्थरों का अवैध खनन हो रहा है।
आसपास के उपजाऊ जमीन को पूरी तरह से बंजर कर रहा है. इतना ही नहीं इससे प्रकृति को भी नुकसान पहुंच रहा है।
             
  विकासखंड अंतर्गत खपरीडीह में दशकों से खनन माफियाओं द्वारा शासकीय जमीन की अवैध रुप से खुदाई कर पत्थर की निकासी और परिवहन कर शासन को लाखों रुपये की राजस्व की क्षति पहुंचाते ज़िला प्रशासन को सीधे तौर पर ठेंगा दिखा रहे हैं,और जिला प्रशासन मूकदर्शक बन सब कुछ देखने को लाचार है।

यहाँ होता है रॉयल्टी में खेल
पड़ोस के गांव टुंड्री निवासी भागवत प्रसाद वर्मा जिनका ग्राम कुम्हारी में जमीन है उस जमीन पर पत्थर खनन की अनुमति खनिज विभाग से जारी कराया गया है ।किंतु भागवत प्रसाद वर्मा द्वारा अन्य समीपस्थ ग्राम खपरीडीह के शासकीय जमीन से अवैध रूप से उत्खनन होने वाले पत्थर के परिवहन के लिए ट्रेक्टर एवं हाइवा वाहनों के परिवहन कर्ताओं को कुम्हारी गांव के जमीन के एवज से प्राप्त रॉयल्टी को बेचा जा रहा है। जबकि कुम्हारी गांव के जमीन तक पहुंचने का रास्ता ही नहीं है और न ही उस जमीन पर खनन कार्य अभी तक शुरू हुआ है।
खनिज विभाग द्वारा जन मानस को धोखे में रखने के लिए नाम मात्र अपने विभाग के एक सिपाही गुरुचरण साहू को अवैध खनन रोकने हेतु ग्राम खपरीडीह में तैनात तो कर दिया गया है ,किन्तु उनके सिपाही का तो जैसे लॉटरी से लग गया है ।अपने उच्चाधिकारियों के आदेशों का उल्टा ही मतलब निकाल लिया है।अवैध पत्थर परिवहनकर्ताओं को सख्त हिदायत दी जाती है ,कि तुम पत्थर कहीं से भी लाओ पर रॉयल्टी यहाँ भागवत प्रसाद वर्मा से कटवाना ही पड़ेगा नहीं तो बिना रॉयल्टी पर्ची के परिवहन करने के नाम पर तुम्हारी गाड़ी पकड़ ली जावेगी।
किराना एवं जनरल दुकान से जारी किया जाता है रॉयल्टी पर्ची
रॉयल्टी पर्ची का खेल एक जनरल एवं किराने दुकान से संचालित किया जाता है जहां कमीशन में एक किराना व्यवसायी ज्ञानदास के द्वारा इसे अंजाम दिया जाता है। कुम्हारी गांव में स्थित जमीन के नाम पर जारी खनिज पट्टा जो कि भागवत प्रसाद वर्मा के नाम से जारी किया गया है ,भागवत प्रसाद वर्मा के पत्थर खदान अभी शुरू भी नहीं हुआ जहां पानी भरा हुआ है वहां तक पहुचने के लिए रास्ता भी नहीं है,भले ही पिछले वर्ष उनके द्वारा चोरी छुपे शासकीय तालाब के पार से वाहन चढ़ा कर अक्सर रात के अंधेरे में कभी कभी पत्थर का परिवहन किया जाता रहा उस रास्ते पर पंचायत द्वारा रोक लगा दिया गया है। उस पत्थर खदान का हवाला देते हुए खनिज विभाग के सिपाही से सांठ गांठ कर खपरीडीह के अवैध खदानों से निकलने वाले वाहनों को रॉयल्टी पर्ची प्रति ट्रेक्टर एक हजार एवं हाइवा का पांच हजार के हिसाब से बेंचा जाता है।
 बिना लीज पट्टे के चल रहे अवैध दस पत्थर खदाने एवं चार गिट्टी क्रेसर
खनिज विभाग से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम खपरीडीह में केवल दो खदानों के संचालकों के पास लीज पट्टा जीवंत रूप में  हैं जो वर्तमान में बंद पड़ा हुआ ,जबकि यहां लगभग दर्जन भर पत्थर खदान एवं चार गिट्टी क्रेसर अवैध रूप से खनिज विभाग के मातहतों के सहयोग से बेखौफ संचालित किया जा रहा है । हमारे प्रतिनिधि द्वारा दौरे के दौरान उक्त सभी क्रेसर एवं खदान संचालकों से संपर्क करने पर कहा गया ,कि आज तक किसी भी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियों को हमारे खदान एवं क्रेसर से कोई आपत्ति नहीं तो आपको भी नहीं होनी चाहिए हम तो सभी लोगों का खयाल रखते हैं। एक क्रेसर जो ,कि किसी अमित अग्रवाल निवासी शिवरीनारायण ज़िला जांजगीर -चाम्पा से बात करने पर बताया गया ,की हमारे पास तो 2028 तक क्रेसर संचालन की अनुमति है पर मैं अभी बाहर हूँ ऑफिस पहुचने पर आपके व्हाट्सएप्प नंबर पर तसल्ली के लिए भेज देता हूँ, किन्तु उनके द्वारा समाचार लिखे जाने तक अनुमति से संबंधित दस्तावेज भेजा नहीं गया।

Mukesh tiwari

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