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घर में श्राद हो तो क्या बनाये और किस चीज़ से परहेजी करें।

बिलासपुर । ब्राह्मणों का आसन कैसा हो: रेशमी, ऊनी, लकड़ी, कुश जैसे आसन पर भी बैठाएं। -लोहे के आसन पर ब्राह्मणों को कभी न बैठाएं।



श्राद्ध का भोजन अतिरिक्त शुद्धि चाहता है। आइए जानें श्राद्ध के भोजन में बरती जाने वाली सावधानियां... 

-खीर पूरी अनिवार्य है।
-जौ, मटर और सरसों का उपयोग श्रेष्ठ है।
-ज़्य़ादा पकवान पितरों की पसंद के होने चाहिए।
-गंगाजल, दूध, शहद, कुश और तिल सबसे ज्यादा ज़रूरी है।
-तिल ज़्यादा होने से उसका फल अक्षय होता है।

श्राद्ध  में बनाए जाने वाला भोजन:
श्राद्ध के दिन गाय के दूध से बनी वस्तुएं खीर, मिष्ठान, जौ, धान, तिल, गेहूं, मूंग, आम, अनार, आंवला, नारियल,नारंगी, अंगूर चिरौंजी, मटर, सरसों का तेल तिल्ली का तेल आदि उपयोग करना चाहिए। श्राद्ध के दिन अपने पितरों के लिए काले तिल के द्वारा तर्पण एवं संकल्प करना चाहिए

पितृपक्ष में क्या खाना वर्जित है?
तामसिक भोजन : पितृ पक्ष में शराब पीना, चरखा, मांसाहार, पान, बैंगन, प्याज, लहसुन, बासी भोजन, सफेद तील, मूली, लौकी, काला नमक, सत्तू, जीरा, मसूर की दाल, सरसो का साग, चना आदि वर्जित माना गया है। श्राद्ध में कोई यदि इनका उपयोग करना है तो पितर नाराज हो जाते हैं।

श्राद्ध के भोजन में क्या न पकाएं
-चना, मसूर, उड़द, कुलथी, सत्तू, मूली, काला जीरा
-कचनार, खीरा, काला उड़द, काला नमक, लौकी, प्याज और लहसन
-बड़ी सरसों, काले सरसों की पत्ती और बासी, खराब अन्न, फल और मेवे

Mukesh tiwari

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