स्टेशनपारा में तीन साल से अधूरा अंडरब्रिज: रेलवे डिवीजनल इंजीनियरिंग विभाग की लापरवाही से राजनांदगांव की जनता बेहाल”
अंडरब्रिज निर्माण में लापरवाही से भड़का जनाक्रोश, हालात गंभीर
राजनांदगांव। शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अंडरब्रिज निर्माण कार्य में हो रही लापरवाही अब गंभीर जनआक्रोश का रूप ले चुकी है। वर्षों से लंबित इस परियोजना को लेकर जनता का धैर्य अब जवाब देने लगा है और स्थानीय नागरिकों में गहरी नाराजगी व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार, स्टेशनपारा, शिक्षक नगर, रामनगर, शंकरपुर, शांति नगर, ढाबा, गठला एवं बोरी जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों से प्रतिदिन हजारों लोग खैरागढ़–राजनांदगांव मुख्य मार्ग से आवागमन करते हैं। वर्तमान में पूरे क्षेत्र के लिए केवल एक संकीर्ण ओवरब्रिज ही विकल्प बचा है, जहां प्रतिदिन भीषण जाम की स्थिति बनती है और लगातार हो रही दुर्घटनाएं कई लोगों की जान ले चुकी हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पहले स्टेशनपारा स्थित रेलवे फाटक क्रमांक 460 से आवागमन सुगम था, जिससे ओवरब्रिज पर दबाव कम रहता था। लेकिन लगभग तीन वर्षों से अंडरब्रिज निर्माण के नाम पर इस फाटक को बंद कर दिया गया है, जबकि वास्तविकता यह है कि निर्माण कार्य अब तक अधूरा और उपेक्षित पड़ा हुआ है। इसके चलते आम जनता—विशेषकर महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे—अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर हैं।
लोगों का आरोप है कि रेलवे के डिवीजनल इंजीनियरिंग विभाग की लापरवाही इसके लिए जिम्मेदार है। संबंधित अधिकारियों की चुप्पी और उदासीनता ने समस्या को और गंभीर बना दिया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अब स्थानीय स्तर पर समाधान की उम्मीद खत्म हो चुकी है और मामले में रेलवे के महाप्रबंधक (GM) के तत्काल हस्तक्षेप के बिना स्थिति में सुधार संभव नहीं है।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि एक ओर देश का शीर्ष नेतृत्व रेलवे को आधुनिक और यात्री सुविधाओं से सुसज्जित बनाने की बात करता है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत दिखाई देती है। डोंगरगढ़ और राजनांदगांव के अमृत भारत स्टेशनों को छोड़ दें तो बकल, जतकनार, मुसरा, रसमराहा, सालेकसा सहित अन्य स्टेशन उपेक्षा का शिकार हैं और यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। यह स्थिति न केवल लापरवाही, बल्कि जवाबदेही की कमी को भी दर्शाती है।
पूर्व में समय-समय पर स्थानीय नागरिकों द्वारा किए गए आंदोलनों के बावजूद अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं, कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अंडरब्रिज निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया, तो आंदोलन उग्र रूप ले सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और रेलवे अधिकारियों की होगी।
अंत में प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि शीघ्र ही निर्माण कार्य पूर्ण कर व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो जनता आर-पार की लड़ाई के लिए बाध्य होगी।