महादेव की विलक्षण मूर्ति की दर्शन करने से होती है सभी कामना पूर्ण,,,,,जो लोग करते है यहां दर्शन होती है, उनकी सारी मुरादे पूरी,, भक्तो का ऐसा है दृढ़ विश्वास ,,
श्याम पाठक की कलम से
ज्ञानपुर। भदोही जिला मुख्यालय ज्ञानपुर से लगा हुआ ग्रामसभा जोरई स्थित भगवान शंकर जी की पौराणिक भव्य मंदिर विराजमान है मान्यता है कि जो लोग यहा सच्चे मन से दर्शन करने आते है उनकी सभी मनोकामना पूरी होती है। यहा दूर दूर से भक्त मुम्बई , कलकत्ता , दिल्ली मद्रास सहित हिंदुस्तान के कोने कोने से भगवान शिव की दर्शन करने आते है। भोलेनाथ की भक्ति करने वाले भक्तों पर उनकी कृपा हमेशा बनी रहती है। मूर्ति की खाशियत यह है की यह शिव लिंग 11 वी सदी की है ऐसा जानकारो का कहना है जो अपने आप में एक तरह की अलग ही है। स्थानीय लोगो की माने तो कई वर्ष पहले यहा खुदाई किया जा रहा था उसी समय जमीन के अंदर से सैकड़ो साँप, बिच्छू,मटा और गोजर निकलने लगे। उसके बाद यहा की खोदाई बंद कर दी गयी। लोगो का यह भी कहना है कि यहा मंदिर के नीचे अनमोल रत्नों का भंडार छिपा है। जिसकी रक्षा स्वयं नाग करते है। शंकर जी मंदिर के सामने खमहावीर विराजमान है । खमहावीर को स्थानीय लोग डीह बाबा के नाम से बुलाते है। इसी लिए इस मंदिर का नाम शंकर जी खमहावीर के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर अपनी विशिष्ट कला के कारण दूर दूर तक प्रसिद्द हैं। भक्तो का मानना है जो लोग यहा दर्शन करते है उनकी सारी मुरादे पूरी होती है । शिवरात्रि के दिन यहा अखंड रामायण पाठ किया जाता है साथ ही यहा विशाल भंडारा होता है जहाँ लोग दूर दूर से भक्त प्रसाद ग्रहण करने आते है । मंदिर के दक्षिण दिशा में हनुमान जी और माँ दुर्गा विराजमान है। यहा की शोभा अद्भुत अदम्य देखते ही बनता है। देवों के देव महादेव का दर्जा इसलिए ही दिया गया है कि पुराणों के अनुसार शिव ही सृष्टि के सृजनकर्ता हैं. शिव की पूजा करने के लिए हर दिन ही श्रेष्ठ है, परंतु सोमवार को शिव जी का दिन माना जाता है। सुबह शाम सेवा में लगे रहते है। पंडित रामसागर पाठक का कहना है कि शंकर जी की मूर्ति चमत्कारी है जो भी भक्त यहां दर्शन करता है उसकी सभी मनोकामना भगवान भोलेनाथ पूरी करते है। पंडित दयानंद पाठक का कहना है कि शंकर जी खमहाबीर की बात ही निराली है यहां अशीम सक्ति है और यहां दर्शन करने के लिये भक्तो का तांता लगा रहता है तो वही पंडित रमाशंकर दुबे कहना है कि यहां की मूर्ति अलौकिक है ऐसा शिव लिंग दुनिया मे कही नही है यहां दर्शन मात्र से ही भक्तो का सारी कष्ट दूर हो जाता है। वहीं मंदिर के पुजारी पंडित प्रमोद कुमार पाठक ( झगडू ) का कहना है कि शिव की महिमा निराली है भोले बाबा की कृपा सभी भक्तो पर बनी रहती है। पंडित गिरिजा शंकर दुबे का कहना है कि यह सिव लिंग अपने आप में अलग और अद्भुत है। भोले बाबा की कृपा सभी ग्राम वासियों और भक्तो पर बनी रहती है। ग्राम प्रधान रमेश यादव का कहना है कि शंकर जी खामहावीर मंदिर में दर्शन मात्र से ही हृदय पुलकित हो जाता है। यहां की महिमा निराली है।
फाल्गुनकृष्णचतुर्दश्यामादिदेवो महानिशि।
शिवलिङ्गतयोद्भूतः कोटिसूर्यसमप्रभ।।
शिवलिंग पर दूध, दही,जल,पुष्प, बेलपत्र, धतूरा और बेर आदि चढ़ाए जाने का रिवाज है. मान्यता यह भी है कि जो भी जातक शिव जी का व्रत रखते हैं उन्हें नरक से मुक्ति मिलती है और मृत्यु होने पर बैकुंठ धाम जाने का सुख मिलता है. मोक्ष प्राप्ति मिल जाती है. संसार में सभी तरह के दुखों से मुक्ति मिलती है।