प्राकृतिक आपदा पीड़ितों को विगत 10 माह से नहीं मिल रहा राहत राशि.....
स्वीकृति आदेश को लेकर पीड़ित परिवार के लोग तहसील का चक्कर लगाने हो रहे मजबूर.....
कसडोल । विगत कई वर्षों से प्राकृतिक आपदा जैसे पानी में डूबने, सर्पदंश,आग में जलने, वन्य प्राणियों के हमले आदि से मृत्यु होने पर मृतक के परिवार को शासन द्वारा अनुदान की स्वीकृति राजस्व पुस्तक परिपत्र के खंड 6 के क्रमांक 4 के तहत राहत राशि दिया जाता है। पर पहली बार है कि कलेक्टर के आदेश के बाद भी पिछले 10 माह से आपदा पीड़ित परिवारों को शासन द्वारा देय 4 लाख की राहत राशि पेंडिंग है।पीड़ित परिवार कलेक्टर के आदेश की कापी लेकर बार-बार तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने मजबूर हो रहे हैं।वे आते हैं और तहसीलदार के बाबू को पूछते हैं, जवाब में अभी राशि नहीं आया है शब्द सुनकर निराशा पूर्वक वापस चले जाते हैं। यह सिलसिला विगत 10 माह से चला आ रहा है।इस संबंध में हमारे प्रतिनिधि ने कसडोल तहसील कार्यालय में जाकर जानकारी लिया तो पता चला कि विगत अप्रैल माह 2022 के बाद से अब तक फंड नहीं आया है, जिसके चलते राशि के अभाव में पीड़ित परिवारों को चेक नहीं दिया जा रहा है, जबकि अभी तक 25 से अधिक प्रकरण स्वीकृत हो चुके हैं।इस संबंध में कसडोल तहसीलदार विवेक कुमार पटेल से जानकारी पूछने पर कहा कि इस संबंध में मैं कुछ भी नहीं कह सकता इसकी जानकारी जिला वाले बता सकते हैं।
इस विषय में भाजपा मंडल कसडोल के मीडिया प्रभारी पुरुषोत्तम कैवर्त्य की प्रतिक्रिया चाही गई, जिस पर उन्होंने कहा कि यह गंभीर बात है।इस प्रकार की बातें नहीं आनी चाहिए। यह राज्य सरकार की विफलताओं में एक कड़ी और जुड़ गया है । ऐसे संवेदनशील मामले में राज्य की कांग्रेस सरकार गंभीर नहीं है इस पर भूपेश बघेल को शर्म आनी चाहिए।जो कि पीड़ित परिवारों के साथ मजाक बना रहा है। शीघ्र राशि जारी कर पीड़ित परिवारों को अनुदान राशि दें, आपके माध्यम से हम यह मांग करते हैं।