कुटलैहड़ विधानसभा में कांग्रेस की बंफर जीत ,,वर्षो का टूटा सितम,,,
कुटलैहड़ सीट पर कांग्रेस ने लहराया जीत का परचम, हासिल किए 54.84 प्रतिशत वोट
जंहा हारे है वहा मेहनत करेंगे जंहा जीते है वहा खुशिया मनाएंगे,,लड़ते रहेंगे,,आलोक सिंह,,
बता दें कि हिमाचल प्रदेश में हुए चुनाव में छत्तीसगढ़ के राज्य स्तरीय नेता चुनाव में पहुंचे थे और छत्तीसगढ़ मॉडल सहित विशेष रूप से प्रचार-प्रसार किया था और कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाया था इसके बाद से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है बता दे कि छत्तीसगढ़ के प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं किसान कांग्रेश के राष्ट्रीय सचिव आलोक सिंह ने हिमाचल प्रदेश के कुटलैहड़ सीट में जवाबदारी को निभाया था जहां पर कई वर्षों से लगातार भाजपा का कब्जा था,,
लेकिन इस बार कांग्रेस नेता आलोक सिंह की राजनीति से छत्तीसगढ़ मॉडल के चर्चा हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी चुनाव जीतकर बनी है,,हिमांचल प्रदेश की कुटलैहड़ विधानसभा सीट चुनाव 2022 की काउंटिंग पूरी हो गई है. कुटलैहड़ से कांग्रेस प्रत्याशी देवेंद्र कुमार जीत गए हैं. उन्होंने भाजपा के विरेंद्र कंवर को 7579 मतों से हरा दिया है. देवेंद्र कुमार कुल 36,636 वोट मिले, जबकि कंवर को कुल 29057 वोट ही मिल सके. वोट प्रतिशत के बात करें, तो कांग्रेस उम्मीदवार को 54.84 प्रतिशत वोट मिले. वहीं, भाजपा प्रत्याशी को केवल 43.49 मत ही मिल सके. यह सीट भाजपा के बड़े गढ़ के रूप में जानी जाती है. भाजपा इस सीट पर 1993 से लगातार चुनाव जीतती आ रही है.
बता दें कि बीजेपी (BJP) ने एक बार फिर से वीरेंद्र कंवर को चुनावी दंगल में उतारा था. वहीं, कांग्रेस ने देवेंदर कुमार और आम आदमी पार्टी ने अनिल मनकोटिया पर भरोसा जताया था
वही साल 2017 का चुनाव भाजपा के वीरेंद्र कंवर ने कांग्रेस के विवेक शर्मा को हराकर जीता था. वीरेंद्र कंवर इस सीट पर पिछले चार चुनाव यानी 2003 से लगातार जीतते आ रहे हैं. अहम बात यह है कि इस सीट पर सीधा मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही होता रहा है. लेकिन, इस बार आम आदमी पार्टी भी मैदान में डटी हुई थी,
साल 2017 के चुनाव में भाजपा के वीरेन्द्र कंवर को 31,101 वोट हासिल हुए थे और कांग्रेस के विवेक शर्मा को 25,495 मत प्राप्त हुए थे. दोनों के बीच जीत हार में वोटों का अंतराल 5,606 रहा था. अहम बात यह है कि वीरेंद्र कंवर ने इससे पहले के 2012, 2007, 2003 के चार चुनाव लगातार कांग्रेस प्रत्याशियों को हराते हुए जीते थे. इन सभी चुनावों में कांग्रेस पार्टी दूसरे नंबर की पार्टी रही थी.
कांग्रेस आखिर में इस सीट पर कब जीती थी?इस बीच देखा जाए तो वीरेंद्र कंवर से पहले भाजपा के राम दास मलंगर 1998 और 1993 के दोनों चुनावों में लगातार जीतते रहे हैं. वहीं, 1990 में इस सीट पर जनता दल के रणजीत सिंह ने कांग्रेस के रामनाथ शर्मा को 4,006 वोटों के अंतराल से शिकस्त देकर जीत दर्ज की थी. इन सभी चुनावों से पहले कांग्रेस ने सिर्फ 1985 में चुनाव जीता था.
साल 1985 में कांग्रेस के रामनाथ शर्मा 4,052 वोटों के अंतराल से जेएनपी के रणजीत सिंह को मात देकर इस सीट पर जीत दर्ज की थी. भाजपा एक बार फिर इस सीट को फतह कर रिकॉर्ड कायम करने की कोशिश में जुटी है. वहीं आम आदमी पार्टी और कांग्रेस भी इस बार बड़ी सेंध लगाने में जुटी हैं. यह आने वाले समय में ही तय होगा कि आखिर जनता किस पर विश्वास जताती है.
ऊना विधानसभा में कुल वोटरो की संख्या इतनी
कुटलैहड़ विधानसभा सीट पर कुल मतदाताओं की बात करें तो इसकी संख्या 85325 है. इसमें पुरूष मतदाता 43011 हैं तो महिला मतदाताओं की संख्या 42313 है. इसके अलावा 1609 सर्विस वोटर व अन्य भी हैं. इससे यहां पर कुल वोटरों की संख्या इस बार 86934 है. हिमाचल प्रदेश में कुल वोटर 5507239 हैं जिनमें पुरूष मतदाता 2780192 और महिला मतदाता 2727010 हैं. प्रदेश में 37 मतदाता थर्ड जेंडर वाले भी हैं. कुटलैहड़ विधानसभा सीट ऊना जिले और हमीरपुर लोकसभा सीट के अंतर्गत आती है. हमीरपुर लोकसभा संसदीय क्षेत्र से भाजपा के अनुराग ठाकुर सांसद हैं.