शहर के नामचीन बिल्डर के सामने शासन प्रशासन नतमस्तक ?,,
खून पसीने की गई जीवन भर के गाढ़ी कमाई से खरीदा आशियाना,,
अपने ही घर मे दहशत में जीने के लिए मजबूर है बुजुर्ग दम्पति ?,,
बुजुर्ग दंपत्ति को लगातार मिल रहा धमकी, उनके साथ कोई हादसा हुई तो उसका जिम्मेदार कौन, शासन, प्रशासन या बिल्डर ?,,
बिल्डर ने झूठ बोलकर बेचा मकान,, स्विमिंग पूल गायब, क्लीनिक हुआ नदराथ,, गार्डन हुआ छोटा,, रहवासियों के लिए आशीर्वाद वैली बना अभिशाप ?,,
बिलासपुर/ न्यायधानी बिलासपुर मे एक बार फिर बिल्डर की दबंगई देखने को मिल रहा है।
बिलासपुर के बोदरी मे स्थित आशीर्वाद बैली के रसूखदार बिल्डर के आगे शासन प्रशासन नतमस्तक नजर आ रहे है। आशीर्वाद वैली में रहने वाले बुजुर्ग दंपति बिल्डर की दबंगई से परेशान हैं। फ्लैट खरीदते समय तो बिल्डर ने उन्हें कई तरह की सुविधा देने का वादा किया था, लेकिन अब उन सुविधाओं पर कुंडली मार कर बैठे हैं।
बिल्डर के खिलाफ बिना नियमो के बनाई गई कालोनी में भारी हेराफेरी के पुख्ता दस्तावेज होने के बाद भी बिल्डर के खिलाफ कार्यवाही नही होने से बिल्डर अब दादागिरी पर उतर आया है ।
अपनी ऊंची पहुंच और रसुखदा री नक्शा पास करवा कर कालोनी का निर्माण करवाया फिर टाऊन एंड कंट्री से पास नक्शे में हेराफेरी कर करोड़ो रुपए की फर्जीवाड़ा किया। यह खुलासा उसी कालोनी मे रहने वाले एक बुजुर्ग दम्पति ने किया। बिल्डर को इस बात कि जानकारी होने के बाद बिल्डर अपने गुर्गे भेजकर धमकी दिलवा रहा है । बिल्डर के रसूख के कारण बुजुर्ग दम्पति लगातार कलेक्टर, एसएसपी , रेरा, और सीएमओ बोदरी से शिकायत के माध्यम से गुहार लगा रहा है लेकिन प्रशासन कुछ भी सुनने को तैयार नही है । बिलासपुर जिले के माने बिल्डर प्रकश गवलानी के पुत्र दीपक गवलानी सहित दीपक प्रितवानी , रवि प्रितवानी ने बोदरी नगर पंचायत अंतर्गत करीब 16 एकड़ जमीन पर आशीर्वाद वैली नाम से कालोनी बनाने के लिए टाऊन एन्ड कंट्री प्लॉनिंग विभाग से लिए 160 मकान का नक्शा पास करवाया और जीवन भर की खून पसीने से की गई गाड़ी कमाई से अपने सपनो को पूरा करने के लिए आशियाना खरीदा। लोगो को विल्डर लोक लुभावने सपने दिखाए और कॉलोनी के लिए अनुमति नक्शे में क्लिनिक , स्वीमिंग पुल गार्डन सहित कई और बातो का उल्लेख भी किया।
चुकी प्रकाश गवलानी का नाम बड़े बिल्डरों की सूची में शुमार है उसी झांसे में आकर लोगो ने अपनी जिंदगी भर की गाढ़ी कमाई लगाकर मकान खरीद लिया । मकान लोगों को मिल भी गया है वही से बिल्डरों की तिकड़ी ने खेल खेलते हुए मूलभूत सुविधायों को गायब कर दिया और तय 160 मकान की जगह 220 मकानों को अलग अलग लोगों को बेच कर एक बड़े फर्जीवाड़े को अंजाम दिया ।
जब कालोनी में रहने वाले बुजुर्ग दंपती ने बिल्डर का काला सच उजागर किया तो महंगा पड़ गया। बिल्डर ने बुजुर्ग दंपति को मानसिक प्रताड़ित करने के लिए अलग अलग हडकंडे अपनाना शुरू कर दिया। बिल्डर पर बुजुर्ग दंपत्ति ने आरोप लगाया है कि उनको डराने धमकाने के लिये बिल्डर ने गुर्गे भेजे । जिसका
शिकायत करने के बाद भी बिल्डर के खिलाफ किसी प्रकार की कार्यवाही नही होने से अब बुजुर्ग दंपति दहशत में है। अपने ही पैसों से खरीदे गए मकान में रहने के लिए डर डर कर रहने के लिए विवश है । एक तरफ जहां आशीर्वाद बिल्डर का काला सच सामने आ चुका है उसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारियो के द्वारा कार्यवाही नही करने से शासन प्रशासन पर सवाल खड़ा हो रहे है। आखिरकार तमाम पुख्ता सबूत होने के वावजूद बिल्डर के खिलाफ कार्यवाही कब होंगी यह अपने आप में बड़ा सवाल है ?