सुनामी मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ की पांच फटाफट खबरें रिपोर्टर के साथ,,
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विधानसभा अध्यक्ष व मऊगंज विधायक ने पकरा गाव पहुचकर किया पतियारी से पथरिहा सड़क निर्माण कार्य का भूमिपूजन
विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने ग्राम पंचायत पकरा पहुंचकर पतियारी से पथरिहा तक बनाये जाने वाली सड़क का भूमिपूजन किया। 2 किलोमीटर 600 मीटर एक करोड़ 21 लाख लागत की सड़क का मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम द्वारा किया गया भूमि पूजन
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ग्राम पंचायत सरपंच ललिता कुशवाहा एवं पंच प्रदीप कुशवाहा एवं ग्राम पकरा के वरिष्ठ समाजसेवियों ने बेहतर प्रयास से पकरा गांव के विकास के लिए ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए प्रदीप कुशवाहा एवं पकड़ा ग्राम के समाजसेवियों ने विधानसभा अध्यक्ष को बुलाकर गांव एवं पंचायत के विकास की कड़ी को ऊंचाई तक पहुंचाया
कार्यक्रम में मऊगंज एसडीएम एपी द्विवेदी, एस डी ओ पी नवीन दुबे एवं तहसीलदार रत्नराषि पाण्डेय,थाना प्रभारी श्वेता मौर्य पी पिपी एच ई विभाग एस डी ओ सहित अंचल के जनप्रतिनिधि एवं आमजन उपस्थित रहे।
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*रीवा मऊगंज*
पूर्व विधायक स्वर्गीय डा. रामधनी मिश्रा की मनाई गई 24 वीं पुण्यतिथि, लोगों ने अर्पित की श्रद्धांजलि।
महाविद्यालय एवं सरस्वती बाल मंदिर स्कूल सहित कई शिक्षण संस्थाएं स्वर्गीय रामधनी मिश्रा की देन है,
कलेक्टर मनोज पुष्प ने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि जिले में पूरी पारदर्शिता से धान का उपार्जन किया जा रहा है।
सभी खरीदी केन्द्रों में किसानों को दी जाने वाली सुविधाओं के पोस्टर-बैनर लगाए गए हैं।
किसान से खरीदी केन्द्र में यदि कोई व्यक्ति अनुचित राशि की मांग करता है तो तत्काल शिकायत दर्ज कराएं, संबंधित के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
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मऊगंज अपर कलेक्टर कोविड की वजह से बंद पड़ी थी जो पुनः हुई संचालित
अधिवक्ता संघ मऊगंज के अध्यक्ष/सचिव व अन्य सहयोगीगण की मेहनत लाई रंग '' कोविड के बाद बंद पड़े
न्यायालय अपर कलेक्टर कार्यालय को पुनः पूर्व की भाॅति आज से संचालित कर दिया गया है और प्रत्येक माह के 2/4थे गुरुवार को पूर्व की भाॅति न्यायालय चलेगी।
आज शुभारंभ कार्यक्रम मे अध्यक्ष /सचिव, उपाध्यक्ष, व काॅफी संख्या मे अधिवक्तागण उपस्थित हुए।
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रीवा जिला में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय के छात्र से गांव और अपने माता पिता एवं शिक्षक का नाम पूछा जाता है तो छात्र और छात्राएं से किताब भी नहीं चलती है
और गांव और हेड मास्टर का नाम भी पता नहीं होता है वहीं जब समाजसेवी एवं उपभोक्ताओं से इस बारे में चर्चा करने की कोशिश की गई तो ग्रामवासी एवं उपभोक्ता अपने शब्दों में कह रहे हैं
कि सरकार द्वारा प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों को मोटी रकम तो दे रही है लेकिन बच्चों की भविष्य अंधकार में दिख रही है और बच्चे अपने माता-पिता और गांव का नाम नहीं जानते हैं
स्कूल से शिक्षक रहते हैं गायब बच्चों को अपने जिले और अपने देश एवं प्रदेश का नाम नहीं पता आखिर क्या होगा इन बच्चों का भविष
समाजसेवियों ने दूसरा सवाल किया खड़ा समाजसेवी एवं वरिष्ठ जनों ने अपने शब्दों में कहा कि शिक्षा विभाग में प्राथमिक माध्यमिक और हास्य कंडी विद्यालय में मास्टर अंगद की तरह कई सालों से एक ही जगह पर पदस्थ होने की वजह से
बच्चों की भविष्य उज्जवल के बजय अंधकार में दिख रही है जब बच्चों का अपने प्रदेश एवं जिला ब्लाक ग्राम और माता पिता का नाम नहीं पता है तो आखिर सरकार इतनी बड़ी मोटी रकम शिक्षा विभाग में खर्चा कर रही है