काग्रेस का वह नेता, जिसे कहा जाता था 'किंगमेकर', अध्यक्ष बनने के लिए छोड़ा CM पद,,
कामराज योजना
कामराज ने महसूस किया कि कांग्रेस की पकड़ जनता में कमजोर होती जा रही है। इसलिए उन्होंने सुझाव दिया कि पार्टी के बड़े नेता, जो सरकार में उच्च पदों पर हैं, अपने पदों से इस्तीफा दें और कांग्रेस को मजबूत करने में लग जाएं। अपनी इसी योजना के तहत उन्होंने सीएम पद से इस्तीफा दिया था। अपनी इसी योजना की बदौलत पंडित जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी को प्रधानमंत्री बनवाने में उनकी भूमिका किंगमेकर की रही। वे तीन बार कांग्रेस के अध्यक्ष रहे।
कामराज
कामराज मुख्यमंत्री बनने के बावजूद सादगी से रहते थे। उन्होंने 9 साल तक मद्रास के सीएम के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने लोगों के हित में कई महत्वपूर्ण कार्य किए।
भारत रत्न' से सम्मानित
कामराज को 1976 में 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया। वे आजीवन कांग्रेस के सदस्य बने रहे। उन्होंने 2 अक्टूबर 1975 को इस दुनिया को अलविदा कहा। उनका नाम ऐसे नेता के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने पार्टी के लिए निस्वार्थ भाव से काम किया। उनकी स्मृति में भारत सरकार की ओर से डाक टिकट भी जारी किया गया है।