मनोज मंडावी का जन्म 14 नवंबर 1964 को हुआ था। वे वर्ष 1998 में अविभाजित मध्यप्रदेश विधानसभा के तथा वर्ष 2013 और 2018 में छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। मंडावी छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष भी रहे। उनके निधन पर कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। मंडावी एक प्रखर वक्ता और जमीनी नेता के रूप में जनता के बीच लोकप्रिय थे। राजकीय शोक की घोषणा
राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ विधानसभा उपाध्यक्ष और भानुप्रतापपुर विधायक मनोज मंडावी के निधन पर एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की गई है। राजधानी रायपुर एवं कांकेर में आज राजकीय शोक रहेगा तथा उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।
राजकीय शोक की अवधि में राजधानी रायपुर और कांकेर जिले में स्थित समस्त शासकीय भवनों और जहां पर नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाते हैं, वहां पर राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे तथा शासकीय स्तर पर कोई मनोरंजन/सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा। कल होगा अंतिम संस्कार
मनोज मंडावी का पार्थिव शरीर उनके गृह ग्राम नथिया नवागांव पहुंच गया है। उनका अंतिम संस्कार कल 17 अक्टूबर को उनके गृह ग्राम में किया जाएगा। आज दोपहर तीन बजे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल उनके गृह ग्राम नथिया नवागांव पहुंचेंगे।
विधायक मनोज मंडावी के निधन पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, राज्यपाल अनुसुइया उइके, विधानसभा अध्यक्ष डा चरणदास महंत, कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम, नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल सहित अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया।