विश्व आत्महत्या निषेध दिवस पर गोष्ठी सेंदरी में संपन्न ।
मुकेश तिवारी की कलम से।
बिलासपुर । आत्महत्या करने वाला व्यक्ति जिस भी समाज का हो अगर उसे समाज संबल दें तो शायद आत्महत्या करने वाला व्यक्ति आत्महत्या नहीं करे।
ये बात शुक्रवार को मनोरोग समाजिक कार्यकर्ता डॉक्टर डिप्टी धुरंधर ने विश्व आत्म हत्या निषेध दिवस पर गोष्ठी में कही। सेंदरी स्कूल में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर एक गोष्ठी रखी गई।
दीप्ती ने कहा कि वर्तमान युग में युवा पीढ़ी जो बेवजह अवसादों से ग्रसित होकर आत्महत्या जैसे कृत कर रहे हैं। इस युवा पीढ़ी तक समाज को पहुंचना होगा और परिवारजन से बात करके उनके अवसादों का कारण जानकर उसे संबल प्रदान करें।
प्रचार्य डॉक्टर नीरजा श्रीवास्तव ने भी सम्बोधिक किया और कहा कि
जब भी इंसान को कभी आत्महत्या का विचार आते ही उसको दूसरों के साथ साझा करना चाहिए इससे आत्महत्या करने की सम्भावना बहुत कम हो जाती है। क्योकि की इंसान को जिंदगी जीने के लिए ईश्वर ने बनाया है न की जाने के लिए ।
बता दे कि सेंदरी स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम में 12 कक्षा के बच्चो ने भी भाग लिया था