मटियरा राशन वितरण विवाद: कम तौल के आरोपों से बढ़ा आक्रोश, कार्रवाई नहीं होने पर खाद्य विभाग पर उठे सवाल
उचित मूल्य दुकान पर कम राशन देने का ग्रामीणों ने लगाया आरोप, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल; निष्पक्ष जांच की मांग
मऊगंज। संजीत द्विवेदी की रिपोर्ट।
मऊगंज जिले की ग्राम पंचायत मटियरा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन वितरण को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने उचित मूल्य दुकान पर निर्धारित मात्रा से कम राशन दिए जाने का आरोप लगाया है। मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
70 किलो बताकर करीब 65 किलो राशन देने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि उचित मूल्य दुकान के सेल्समैन द्वारा करीब 70 किलो राशन दिए जाने की बात कही जाती है, लेकिन दूसरी जगह दोबारा तौल कराने पर राशन का वजन लगभग 65 किलो ही निकलता है।
कम तौल की बात सामने आने के बाद उपभोक्ताओं ने विरोध जताया और पूरे मामले का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया। इसके बाद वीडियो तेजी से वायरल होने लगा।
हालांकि, कम तौल के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि राशन वितरण में कथित अनियमितता को लेकर संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मामले में खाद्य विभाग के स्तर से अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। इसी वजह से उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के शिविर में भी उठा मामला
बताया गया कि रतनगवां में आयोजित मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के शिविर में भी राशन की कम तौल का मुद्दा ग्रामीणों द्वारा अधिकारियों के सामने उठाया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि शिविर में जब खाद्य विभाग के अधिकारी के समक्ष मामले को रखा गया तो उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इसके बाद लोगों में नाराजगी और बढ़ गई।
निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मटियरा उचित मूल्य दुकान में राशन वितरण की शिकायत की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही राशन के स्टॉक, वितरण रजिस्टर और वास्तविक वितरण की मात्रा का मिलान कर स्थिति स्पष्ट की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में कम तौल या राशन वितरण में किसी प्रकार की अनियमितता सही पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को उनके हिस्से का पूरा राशन मिल सके।
रिपोर्ट: संजीत द्विवेदी
मऊगंज