🚨 बिलासपुर: अवैध संबंध साबित होने पर पत्नी को नहीं मिलेगा गुजारा भत्ता – छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि यदि कोई विवाहित महिला अपनी इच्छा से किसी अन्य पुरुष के साथ व्यभिचार (Adultery) में रह रही है, तो वह अपने पति से गुजारा भत्ता (Maintenance) मांगने की हकदार नहीं होगी।
यह मामला जशपुर की एक महिला और रायपुर के एक युवक से जुड़ा है, जिनकी शादी अप्रैल 2018 में हुई थी। शादी के लगभग 8 महीने बाद दोनों अलग हो गए। महिला ने पति और ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना एवं दहेज उत्पीड़न के आरोप लगाकर गुजारा भत्ता मांगा।
सुनवाई के दौरान पति ने पत्नी के कथित अवैध संबंधों से जुड़े डिजिटल साक्ष्य अदालत में पेश किए। महिला ने इन साक्ष्यों को AI से तैयार की गई फर्जी ऑडियो बताया, जिसके बाद उनकी वैज्ञानिक जांच कराई गई।
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की एकल पीठ ने जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर फैमिली कोर्ट के फैसले को सही माना और महिला की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी।
हाई कोर्ट की टिप्पणी:
यदि पत्नी स्वेच्छा से व्यभिचार में रह रही है, तो कानून के अनुसार वह पति से गुजारा भत्ता पाने की अधिकारी नहीं है।
नोट: यह निर्णय इस मामले के तथ्यों और अदालत के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों पर आधारित है। इसे सभी मामलों पर समान रूप से लागू नहीं माना जाना चाहिए; प्रत्येक मामले का निर्णय उसके अपने तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होता है।
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