दहेज केस से शुरू हुआ विवाद, ससुर का इलाज कर जीता दिल; कोर्ट में फाड़ दिए तलाक के कागज़
दिल्ली। पति-पत्नी के बीच बढ़े विवाद ने उस समय कानूनी रूप ले लिया जब शिखा ने अपने पति सौरभ के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज करा दिया। केस की सुनवाई और कोर्ट-कचहरी के लगातार चक्कर लगाने के कारण शिखा के पिता की वर्षों की जमा-पूंजी खर्च हो गई।
आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव का असर उनकी सेहत पर पड़ा और वे गंभीर रूप से बीमार हो गए। हालत बिगड़ने पर उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी दौरान सौरभ को अपने ससुर की बीमारी की जानकारी मिली।
जानकारी मिलते ही सौरभ अस्पताल पहुंचे और अपने ससुर को बेहतर इलाज के लिए गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। उन्होंने इलाज की पूरी जिम्मेदारी उठाई। कई दिनों तक चले उपचार के बाद शिखा के पिता पूरी तरह स्वस्थ हो गए।
इसके बाद दिल्ली कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई के दौरान भावुक दृश्य देखने को मिला। सौरभ के व्यवहार और परिवार के प्रति उनकी संवेदनशीलता को देखकर शिखा का मन बदल गया। उन्होंने कोर्ट परिसर में ही तलाक के कागज़ फाड़ दिए और पति सौरभ को गले लगा लिया।
इस घटनाक्रम ने यह संदेश दिया कि रिश्तों में संवाद, संवेदनशीलता और मानवीयता कई बार बड़े से बड़े विवाद को भी समाप्त कर सकती है।