अनिश्चितकालीन हड़ताल,
छत्तीसगढ़ राज्य में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) के अधिकारी/कर्मचारी अपनी वेतन विसंगति, अपूर्ण वेतन भुगतान एवं वैधानिक सेवा-लाभों की बहाली की मांग को लेकर जारी अनिश्चितकालीन कामबंद हड़ताल सह धरना-प्रदर्शन के द्वितीय दिवस में प्रवेश कर चुके हैं।
संघ द्वारा दिनांक 16 से 20 फरवरी 2026 तक आयोजित पाँच दिवसीय कामबंद हड़ताल के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन से स्पष्ट, लिखित एवं समयबद्ध समाधान की अपेक्षा की गई थी। किंतु इस अवधि में कोई भी क्रियान्वयन योग्य निर्णय नहीं लिया गया, जिसके फलस्वरूप विवश होकर आंदोलन को अनिश्चितकालीन स्वरूप दिया गया।
🔹 प्रथम दिवस की भेंट-वार्ता निष्फल
अनिश्चितकालीन हड़ताल के प्रथम दिवस माननीय कुलपति महोदय से संघ प्रतिनिधिमंडल की शिष्टाचार भेंट-वार्ता हुई। वार्ता के दौरान यह बताया गया कि समस्याओं के निराकरण हेतु राज्य शासन से पत्राचार किया जा रहा है, परंतु समयबद्ध समाधान देने से यह कहते हुए असहमति जताई गई कि शासकीय कार्यों में समय लगता है।
इस पर संघ ने स्पष्ट किया कि पूर्ण वेतन का भुगतान सुनिश्चित किए बिना अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त नहीं की जाएगी। किसी भी स्तर पर ठोस, लिखित एवं समयसीमाबद्ध आश्वासन न मिलने के कारण वार्ता विफल रही।
🔹 वैधानिक पत्रों व न्यायालयीन आदेशों की अनदेखी:
संघ यह रेखांकित करता है कि KVK अधिकारियों/कर्मचारियों के वेतन एवं सेवा-लाभों के संबंध में ICAR के मूल दिशा-निर्देश, भारत सरकार के माननीय कृषि मंत्रियों एवं कृषि सचिव (विस्तार) स्तर के पत्र, तथा माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के आदेश पूर्व से विद्यमान हैं, जिनका पालन अनिवार्य एवं बाध्यकारी है। इसके बावजूद आज दिनांक तक इनका समुचित अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया गया है।
🔹 KVK कर्मचारी विश्वविद्यालय की अमानत — पूर्ण दायित्व विश्वविद्यालय का:
संघ स्पष्ट करता है कि KVK के अधिकारी/कर्मचारी ICAR के नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की अमानत हैं। उनकी नियुक्ति विश्वविद्यालय अधिनियम एवं परिनियम के अनुरूप विश्वविद्यालय द्वारा ही की गई है। नियुक्तिकर्ता संस्था होने के कारण पूर्ण वेतन, समस्त भत्तों एवं सेवा-लाभों की संपूर्ण वित्तीय एवं प्रशासनिक जिम्मेदारी विश्वविद्यालय की है, और यह दायित्व विश्वविद्यालय के अन्य कर्मचारियों के समकक्ष लाभ प्रदान करने तथा समझौता ज्ञापन (MoU) की शर्तों के अनुरूप भी स्पष्ट है। इसके विपरीत किसी भी प्रकार की व्याख्या तथ्यों के विपरीत एवं न्यायालयीन आदेशों की अवहेलना है।
🔹 महामहिम राज्यपाल एवं कुलाधिपति से मार्गदर्शन हेतु निवेदन:
उपरोक्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए संघ के प्रतिनिधिमंडल द्वारा महामहिम राज्यपाल एवं कुलाधिपति को कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के अधिकारियों/कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के निराकरण हेतु शिष्टाचार भेंट-वार्ता के लिए समय प्रदान किए जाने का निवेदन पत्र प्रेषित किया गया है, ताकि न्यायोचित, संवैधानिक एवं स्थायी समाधान की दिशा में मार्गदर्शन प्राप्त हो सके।
🔹 संघ का स्पष्ट पक्ष:
• आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं अनुशासित है।
• कर्मचारियों के सम्मान, आजीविका एवं वैधानिक अधिकारों पर कोई समझौता स्वीकार्य नहीं।
• अनिश्चितकालीन हड़ताल के दौरान उत्पन्न होने वाली समस्त प्रशासनिक, शैक्षणिक एवं प्रसारगत अव्यवस्थाओं की पूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
संघ विश्वविद्यालय प्रशासन से पुनः मांग करता है कि तत्काल, स्पष्ट, लिखित एवं समयबद्ध निर्णय लेकर KVK अधिकारियों/कर्मचारियों के पूर्ण वेतन एवं समस्त वैधानिक सेवा-लाभों की बहाली सुनिश्चित की जाए, ताकि आंदोलन समाप्त हो सके और किसानों को पुनः निर्बाध सेवाएं मिल सकें।