नंबर को मिटाकर डिस्पोजल पुरानी दो मंगला नाम की बसें 2 साल से खुलेआम नेशनल हाईवे में दौड़ रही हैं और आरटीओ एवं पुलिस मूक दर्शक बनी
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रीवा
शासन प्रशासन के आंख में धूल झोंक कर खुलेआम नेशनल हाईवे रोड होते हुए एवं गैर नेशनल हाईवे से रूट तय करके रीवा से रघुराजगढ़ होते हुए सीतापुर और फिर मऊगंज पहुंच रही है दो ऐसे बसें जिनके सारे कागजात खत्म हो चुके हैं दोनों सर्विस बसें डिस्पोजल हो चुकी है और उनके द्वारा दोनों सर्विस बसों में रंग पेंट करके नंबर को पेंट से मिटा कर रीवा मुख्यालय से सुबह 6:00 बजे एवं सुबह 6:10 में दोनों बसें मऊगंज मिनी मुख्यालय तक चल रही है वैसे तो देखा जाए हर एक दिन पुलिस और आरटीओ ऐसे वाहनों की जांच लगाकर कार्रवाई कर रही है लेकिन लगभग 2 साल से अधिक समय से खुलेआम चल रही इन सर्विस बसों पर क्यों कार्रवाई नहीं हो रही है बस के चालक व परिचालक के साथ मालिक खुलेआम कहते हैं कि आरटीओ एवं पुलिस को हर महीने हजारों रुपए देते हैं इसके बाद हमारी बस डंके की चोट के साथ चल रही है इसे कोई नहीं रोक सकता है ऐसी बसों से एक तरफ यात्रियों के जीवन के लिए बड़ा खतरा है तो दूसरी ओर प्रशासन की नाकामी सामने देखने को मिल रही है इतना ही नहीं इनमें से एक नीली वाली बस जिसका नंबर है एमपी 17P 0 253 जिसका रंग नीला और लाल है इस बस में नंबर तो लिखा है लेकिन नंबर 1 मिनी बस का नंबर डाला हुआ है और रजिस्ट्रेशन में मालिक का नाम रविंद्र कुमार शर्मा सर्च करने में दिख रहा है और कंप्यूटर सर्च करने के बाद सब कुछ इस बार दिख रहा है और इसी दूसरे बस का नंबर इस नीले रंग के बस पर डाला गया है तो देखा जाए पूरी तरह से अंधेर गलती हो गई घटना को लेकर लोगों का कहना है कि इन दोनों बसों से कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है जैसे कि पूर्व में हो चुकी है