राजनांदगांव। सहारा इंडिया कंपनी के जमाकर्ता जमा राशि के ब्याज समेत भुगतान की मांग को लेकर एक बार फिर से आंदोलन की तैयारी में हैं। अगस्त अंत तक भुगतान नहीं होने पर पांच सितंबर से उन्होंने परिवार वालों के साथ कलेक्टोरेट के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने की चेतावनी दी है। हालांकि कलेक्टर डोमन सिंह ने उन्हें आश्वस्त किया कि इस माह के अंत तक राशि का भुगतान करा दिया जाएगा। ज्ञापन की प्रति निवेशकों ने पहली बार मुख्यमंत्री के साथ ही जिला न्यायाधीश को भी भेजी है।जिले में सहारा इंडिया की विभिन्ना सहायक कंपनियों में तीन लाख से अधिक निवेशकों के लगभग पांच सौ करोड़ रुपए फंसे हुए हैं। इसी की वापसी के लिए बीते चार वर्षों से जमाकर्ता के साथ खुद सहारा के अभिकर्ता भी संघर्ष कर रहे हैं। लगातार आंदोलन के चलते पिछले वर्ष सहारा के संचालकों के
खिलाफ न केवल एफआइआर बल्कि चार की गिरफ्तारी भी हुई, लेकिन वे जैसे-तैसे जमानत पर छूट गए। तब निवेशकों को लौटाने के नाम पर दिए गए 15 करोड़
पांच करोड़ नकद व शेष का चेक) को
अब तक निवेशकों को नहीं लौटाया
गया है।
कलेक्टर को बताई अपनी पीड़ा
मंगलवार को सहारा के निवेशकों ने कलेक्टर डोमन सिंह से मिलकर अपनी पीड़ा बताई। उन्होंने बताया कि हर माह 100 निवेशकों को राशि लौटाने स्टांप पेपर में शपथ पत्र देने के बाद भी सहारा के स्थानीय अधिकारी निवेशकों को राशि नहीं लौटा रहे। हर बार कहा जाता है कि विवाद सेबी में विचाराधीन है। राशि नहीं निकल पा रही। ऐसे में जमाकर्ताओं ने सवाल उठाया कि जब खाते सीज है तो जमानत के लिए 15 करोड़ रुपये कहां से आ गए?