मध्यप्रदेश । मऊगंज : झंडारोहण में शामिल नहीं हुए कई डॉक्टर
रीवा--मऊगंज नि प्र 16 अगस्त
पूरे देश में घर-घर झंडा लगाने एवं देशवासियों को इस तिरंगे का महत्व सम्मान करने का अद्भुत प्रयास किया जा रहा है देश आजादी का 75 वर्ष गांठ मना रहा है वही इस देश के नागरिक अब से अपनी स्वतंत्रता महसूस कर रहे है इस आलौकिक पर्व को मनाने इसकी शान संजोए रखने में देश का बच्चा-बच्चा अपनी भूमिका निभा रहा है वही मऊगंज सिविल स्वास्थ्य विभाग में अद्भुत नजारा देखने को मिला बीएमओ डॉक्टर एस डी कोल द्वारा पूरी शिद्दत एवं लगन के साथ झंडारोहण किया गया झंडारोहण के समय खींची गई तस्वीर यह साफ बोल रही है कि सिविल स्वास्थ्य विभाग में तैनात सात डॉक्टरों में सिर्फ एक ही जिम्मेदार डॉक्टर अपनी जिम्मेदारी के साथ खड़ा है वहीं छे डॉक्टर अपनी क्लीनिक व जिले में अपने परिवार या मरीजों के साथ यह शिक्षा भी दे रहे होंगे कि वहां जाने से क्या मतलब है ये डॉक्टर अपने परिवार और बच्चों को ध्वजारोहण 15 अगस्त या 75 वां स्वतंत्रता दिवस की परिभाषा जरूर बताते होंगे वैसे 15 अगस्त का दिन झंडारोहण के बाद कार्य से बिरत होने का अवसर मिल सकता है किंतु इन डॉक्टरों को सरकार की तरफ से उस दिन का भी पूरा वेतन दिया जाता है धर्म संस्कृत राष्ट्रप्रेम सभी को त्याग कर कितनी बेशर्मी से ये सभी डॉक्टर अपने घरों में आराम तलब हो रहे हैं वही जिम्मेदार अधिकारियों को इन छः डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस देनी चाहिए उचित कारण ना होने पर इन सभी का एक दिन का वेतन काट कर सबक के रूप में इन्हें कुछ बताया जा सकता है डॉक्टर कोल अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ झंडारोहण में शामिल रहे
*सेवानिवृत्त से पहले मेडिकल की कुप्रथा*
इस देश में बड़े आश्चर्य की बात है कि सेवानिवृत्त से 5 से 10 महीने पहले मेडिकल सुविधा लेकर अपने घर व क्लीनिक में दुकान चलाने की परंपरा पुरानी है जबकि अन्य देशों में सेवानिवृत्त के एक घंटे पहले तक कार्य करना पड़ता है यह पुरानी परंपरा बेहद चिंताजनक है सेवानिवृत्त के पहले एक घंटे पहले तक का वेतन सरकार द्वारा दिया जाता है और बड़े बेशर्मी के साथ इसे स्वीकार भी किया जाता है यह कितनी विचित्र परंपरा है मऊगंज सिविल स्वास्थ्य विभाग में कुल सात डॉक्टर नियुक्त हैं बीएमओ एसडी कोल एमडब्ल्यू मंसूरी पंकज पांडे पंकज सिंह बी के गर्ग ब्ही एन सतनामी कुमुद पाठक जानकारी के अनुसार बीके गर्ग को किसी ने आज तक देखा नहीं इन गर्ग महाशय का निवास कहां है पता नहीं ब्ही एन सतनामी पांच माह सेवानिवृत्त होने के पहले मेडिकल जैसे ब्रह्मास्त्र को लेकर अपने क्लीनिक में सेवा दे रहे हैं कुमुद पाठक आयुर्वेद कि डॉक्टर हैं इन्हें भी कोई नहीं पहचानता और आम मरीजों को मिलने वाली आयुर्वेदिक दवाएं रीवा से ही पाठक जी के घर में पहुंच जाती है डॉक्टर पाठक आयुर्वेद हैं इन्हें क्या जरूरत है झंडारोहण में शामिल होने की ये तो बहुत पहले से ही आयुर्वेद के साथ यजुर्वेद अथर्व वेद की ज्ञाता होंगी आश्चर्यजनक तरीके से सिविल स्वास्थ्य विभाग चल रहा अक्सर आम जनों एवं मरीजे द्वारा इन सभी अनुपस्थित एवं दायित्व विहीन डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की जा रही थी किंतु सीएमएचओ की छत्रछाया में ये सब राष्ट्र के अपमान के साथ-साथ मानव क्रूरता करने में भी अग्रणी है